Home चंद्रपूर रामनगर पुलिस गहरी नींद में: CM फडणवीस अब किसे करेंगे Dismiss?

रामनगर पुलिस गहरी नींद में: CM फडणवीस अब किसे करेंगे Dismiss?

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■ नशे के अवैध धंधों पर ढिलाई बरतने वाले पुलिसकर्मियों को सीधे बर्खास्त करने की CM की घोषणा सिर्फ दिखावा तो नहीं?

चंद्रपुर।
अभी कुछ ही दिनों पहले विधानसभा में मुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गरजते हुए ऐलान किया था कि ड्रग्स और नशे के अवैध कारोबार पर ढिलाई बरतने वाले पुलिसकर्मियों को सीधे सेवा से बर्खास्त (Dismiss) किया जाएगा। उन्होंने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का दम भरा था। लेकिन चंद्रपुर के रामनगर पुलिस थाने की नाक के नीचे जो कुछ चल रहा था, उसने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या CM की यह घोषणा महज कागजी दिखावा और राजनीतिक बयानबाजी थी? अगर मुख्यमंत्री अपने वादे के पक्के हैं, तो रामनगर पुलिस थाने के मुखिया और बीट इन-चार्ज पर अब तक बर्खास्तगी की गाज क्यों नहीं गिरी?

■ जटपुरा के इटनकर पान ठेले से चल रहा था MD ड्रग का व्यापार
अवैध धंधों का केंद्र कोई छुपा हुआ ठिकाना नहीं, बल्कि शहर का व्यस्त इलाका जटपुरा गेट परिसर का मार्ग था। यहाँ स्थित ‘इटनकर पान मंदिर’ की आड़ में युवाओं की जिंदगी बर्बाद करने वाले खतरनाक एमडी (MD – मेफेड्रोन) ड्रग्स का रैकेट धड़ल्ले से चलाया जा रहा था। स्थानीय रामनगर पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और महज 25 साल का आरोपी ओम संतोष इटनकर जटपुरा वार्ड में अपने घर और पान ठेले से ड्रग्स का नेटवर्क फैलाता रहा। पुलिस की इस “लापरवाही” या “मौन सहमति” ने पूरे शहर को नशे की गर्त में धकेलने का काम किया है।

■ LCB की बड़ी कार्रवाई से पुलिस की निष्क्रियता का भांडा फूटा!
कहते हैं कि पाप का घड़ा एक दिन भरता ही है। रामनगर पुलिस भले ही गहरी नींद में सोई थी, लेकिन स्थानीय अपराध शाखा (LCB) जाग रही थी। एलसीबी चंद्रपुर की टीम को जब इसकी गोपनीय सूचना मिली, तो उन्होंने जाल बिछाकर आरोपी ओम संतोष इटनकर को दबोच लिया। जब आरोपी के घर और ठिकाने की तलाशी ली गई, तो एलसीबी भी दंग रह गई। एलसीबी की इस धमाकेदार रेड ने रामनगर पुलिस की कार्यप्रणाली और उसकी ‘निष्क्रियता’ का सरेआम भांडा फोड़ दिया है। यह कार्रवाई साबित करती है कि स्थानीय थाने को या तो खबर नहीं थी (जो कि उनकी नाकामी है) या फिर वे सब जानकर भी अनजान बने हुए थे।

■ रात 11 बजे के बाद भी अवैध व्यापार, 6.23 लाख का माल जब्त
नियम-कानूनों को ठेंगा दिखाकर रात 11 बजे के बाद भी यह अवैध व्यापार धड़ल्ले से चालू था। एलसीबी की इस कार्रवाई में कुल ₹6,23,370/- मूल्य का माल जब्त किया गया है। प्राथमिक पूछताछ में यह भी सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इस रैकेट के तार बगड खिडकी इलाके से जुड़े हैं, जहाँ का रहने वाला इरफान उर्फ भुऱ्या पठाण इस मुख्य ड्रग्स की सप्लाई कर रहा था।

■ मामले का पूरा विवरण (तथ्य और आंकड़े):
* दिनांक : 25 जून 2026
* घटनास्थल : इटनकर पान मंदिर, जटपुरा गेट, चंद्रपुर।
* दर्ज एफआईआर : दोनों आरोपियों के खिलाफ रामनगर पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट, 1985 (NDPS Act) की धारा 8(c), 22(c), और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

■ गिरफ्तार व नामजद आरोपी :
1. ओम संतोष इटनकर (उम्र 25 वर्ष, निवासी: जटपुरा गेट के पास, जटपुरा वार्ड, चंद्रपुर) – गिरफ्तार
2. इरफान उर्फ भुऱ्या पठाण (निवासी: बगड़ खिडकी, चंद्रपुर) – मुख्य सप्लायर/नामजद

■ जब्त किया गया माल (मुद्देमाल) :
* एम.डी. (MEPHEDRONE) ड्रग्स: 104.210 ग्राम
* अन्य सामग्री : दो मोबाइल फोन और नगद राशि
* कुल अनुमानित कीमत: ₹ 6,23,370/-

■ कार्रवाई करने वाली जांबाज टीम (LCB):
इस पूरी निष्क्रियता के बीच चंद्रपुर एलसीबी के जांबाज अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में शामिल थे: – पीआई (LCB) के मार्गदर्शन में पीएसआइ विनोद भुरले, पीएसआइ सुनील गौरकार, एएसआई सुभाष गोहोकार, सतिश अवथरे, रजनिकांत पुठ्ठावार, दिपक डोंगरे, इमरान खान, सुनील आत्राम, पुलिस कांस्टेबल हिरालाल गुप्ता, किशोर वाकाटे, शशांक बदामवार, प्रतीक हेमके, महिला पुलिसकर्मी छाया और अपर्णा। साथ ही श्वान पथक (Dog Squad) के राजेश किन्नाके और विनोद चव्हाण ने भी इसमें मुख्य भूमिका निभाई।

■ तीखा सवाल :
जब एलसीबी को बागलखिडकी से लेकर जटपुरा गेट तक के ड्रग्स नेटवर्क की भनक लग सकती है, तो चौबीसों घंटे गश्त करने का दावा करने वाली रामनगर पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? क्या गृह विभाग के नियमों के मुताबिक इस प्रशासनिक विफलता के लिए रामनगर थाने के मुखिया पर सीधी दंडात्मक कार्रवाई होगी, या मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा? चंद्रपुर की जनता अब सीएम फडणवीस के एक्शन का इंतजार कर रही है।

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