■ जूनियर टीम ने संभाल ली अवैध व्यापार की कमान
■ पत्रकार को मरवाने नागपुर के गुंडों को सुपारी की सुगबुगाहट
■ अब छोटा शकील व छोटू हरीश संभाल रहे अवैध धंधा !
चंद्रपुर।
नवनियुक्त जिला पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी ने अपनी दमदार पारी की शुरुआत करते हुए कर्तव्यदक्ष बनकर चंद्रपुर जिले के अवैध तंबाकू व्यापार एवं MD जैसे नशीले पदार्थों के व्यापार की कमर तोड़ दी। अनेक बड़ी कार्रवाइयों से यह साबित कर दिया कि चंद्रपुर में माफिया का नहीं बल्कि कानून का राज चलेगा। लेकिन दूसरी ओर विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार माफिया के छोटे भाई (छोटा शकील व छोटू हरीश) और उनके गुर्गों ने कांग्रेस के एक बड़े जनप्रतिनिधि के करीबी छुटभैया नेता (दाढ़ी वाले) के संरक्षण में अवैध तंबाकू व्यापार करने की हिम्मत जुटा ली है। यह छुटभैया नेता अपने मित्रों से दावा करते फिर रहा है कि वह तंबाकू माफिया आरोपियों को नागपुर हाईकोर्ट से बेल दिलाने और बेल के पूर्व गिरफ्तारी से बचाने के लिए करीब 1.5 करोड़ खर्च कर रहा है। साथ ही अवैध तंबाकू संबंधित खबरें चलाकर सजग पुलिस प्रशासन की सराहना करने वाले एक पत्रकार को ठिकाने लगाने एवं उनकी रेकी करने के लिए नागपुर से गुंडों की टीम हायर करने का दावा भी यह छुटभैया कांग्रेस नेता (दाढ़ी वाला) अपने मित्रों से कर रहा है। ऐसे में अब SP आयुष नोपानी से ही यह उम्मीद बची है कि वे तंबाकू माफिया से कांग्रेस के कथित छुटभैया नेता से संबंधों के कॉल डिटेल, आर्थिक लेन-देन की गहनता से जांच कर चंद्रपुर में अवैध तंबाकू का व्यापार हमेशा के लिए समाप्त कर दें और यहां कानून का राज प्रस्थापित करें।
■ छुटभैया नेता (दाढ़ी वाला) की मोडस ऑपरेंडी क्या है ?
सबसे बड़ी हैरत की बात तो यही है कि कांग्रेस जनप्रतिनिधि का करीबी छुटभैया नेता (दाढ़ी वाला) खुलेआम अपने मित्रों से कहते फिरता है कि वही इस अवैध तंबाकू व्यापार का सरगना है। सूत्र बताते हैं कि उसके राजनीतिक कुकर्मों में रुकावट बनने वाले अनेक नेताओं को उसने ही इसके पूर्व भी सुपारी देकर चुप बिठाने की कोशिश की थी। कभी कांग्रेस नेता नंदू नागरकर पर जानलेवा हमला, कभी CDCC के पूर्व अध्यक्ष व कांग्रेस नेता संतोष रावत पर गोली चलाकर जानलेवा हमला (छोटा बाजार चौक से बुर्का खरीदकर देने में सहायता करना), कभी कांग्रेस नेता नौशाद शेख पर जानलेवा हमला, कभी कांग्रेस नेता व नगरसेवक राजेश अड्डूर समेत अन्य नगरसेवकों के अपहरण का प्रयास, ऐसे हमलों के कारनामों में दबी आवाज में छुटभैया नेता (दाढ़ी वाला) का नाम सामने आता रहा है। सुपारी देकर वारदातों को अंजाम देने वाला यह असामाजिक तत्व खुद को उच्च शिक्षित बताकर राजनीति की आड़ में अपना अवैध साम्राज्य खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन एक न एक दिन इसके पापों का घड़ा भरेगा और यह अपने साथ उस जनप्रतिनिधि की सत्ता भी लेकर डूबेगा।
■ कांग्रेस नेता की कथित दबंगई क्यों सहन रही सत्ता पक्ष ?
कांग्रेस में हर कोई इस छुटभैया नेता (दाढ़ी वाला) की करतूतों से वाकिफ है। यहां तक कि जिस जनप्रतिनिधि के साथ वह घूमता है, वह भी उसे अनेक बार क्रिमिनल बताकर उससे डरने की सलाह अपने करीबियों को दिया करते हैं। सत्ता, धन-बल, रसूख, राजनीतिक पहुंच, लाखों की रसद पहुंचाने की भ्रष्ट नीति के आगे चंद्रपुर में अनेक वारदातों के पीछे इस गंदी राजनीति का चेहरा छिपा हुआ है। कांग्रेस के इस छुटभैया नेता (दाढ़ी वाला) की दबंगई के आगे सत्ता पक्ष के लोग आखिर खामोश क्यों हैं? यह आश्चर्यजनक बात है।
■ तंबाकू माफिया के कॉल डिटेल से होगा छुटभैया नेता (दाढ़ी वाला) की करतूतों का पर्दाफाश
चंद्रपुर जिले में यदि सच में अवैध तंबाकू माफिया का राज खत्म करना है, हजारों-लाखों युवाओं को नशे व कैंसर से बचाना है, सुपारी देकर वारदातों को अंजाम देने वाली घटनाओं को रोकना है, चंद्रपुर में कानून का राज कायम करना है तो पुलिस विभाग को अधिक सजग होकर तंबाकू माफिया के राजनेताओं के साथ के कनेक्शन को खंगालना होगा। चाहे आरोपी वसीम झिमरी हो या जयसुख ठक्कर, या चाहे अन्य अपराधों में लिप्त आरोपी हों। इन सभी के कॉल डिटेल, CDR की यदि गहनता से जांच की जाए तो इस छुटभैया नेता (दाढ़ी वाला) की करतूतों का आसानी से पर्दाफाश हो सकता है।
■ अवैध तंबाकू का काला धन मनपा चुनाव में इस्तेमाल
सूत्र बताते हैं कि बीते दिनों संपन्न हुए चंद्रपुर महानगरपालिका चुनाव में शहर के एक प्रभाग में कांग्रेस के छुटभैया नेता (दाढ़ी वाला) ने खादी का सफेदपोश पहनकर अपने काले कारनामों पर पर्दा डालने के लिए मनपा सदन तक पहुंचने की अथाह कोशिशें कीं। उसके इस चुनाव के लिए अवैध तंबाकू व्यापार का लाखों का धन इस्तेमाल किया गया। समय-समय पर चंद्रपुर शहर में विशाल होर्डिंग्स लगाने के लिए भी इसी काले धन का इस्तेमाल किया जाता रहा है। वारदातों को अंजाम देने के लिए जो सुपारी दी जाती रही है, उसमें भी अवैध व्यापार के काले धन का प्रयोग किया जाता रहा है। लेकिन आयकर विभाग एवं अन्य जांच एजेंसियों से यह छुटभैया नेता (दाढ़ी वाला) बचता रहा है। राजनीति की आड़ में उसकी करतूतों पर पर्दा डलता रहा है। लेकिन अब वक्त आ गया है कि ऐसे काली कमाई के चेहरे को जांच एजेंसियां बेनकाब कर चंद्रपुर में कानून का राज प्रस्थापित करें।
■ पत्रकार पर हमले की तैयारी पूर्व में भी
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिस वक्त CDCC बैंक के पूर्व अध्यक्ष संतोष सिंह रावत पर गोलीबारी कर उन पर जानलेवा हमला किया गया था, उस वक्त चंद्रपुर के एक पत्रकार की निरंतर रेकी की गई थी। लेकिन सजगता के चलते पत्रकार पर हमला करवाने में कांग्रेस का वह छुटभैया नेता (दाढ़ी वाला) कामयाब न हो सका। अब जब उसके फंडिंग वाले अवैध तंबाकू व्यापारी पुलिस कार्रवाई के चलते गिरफ्त में आ गए हैं और मिनी मकोका तथा अन्य गंभीर धाराओं में फंस गए हैं तो उन्हें बचाने के लिए यह छुटभैया नेता अपनी एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। 1.5 करोड़ खर्च करने की तैयारी के अलावा तंबाकू की कार्रवाई को लेकर पुलिस विभाग की सराहना करने वाले पत्रकार को दोबारा से निशाना बनाने के लिए नागपुर के गुंडों से संपर्क करने का दावा इस छुटभैया नेता (दाढ़ी वाला) ने अपने मित्रों के पास किया है। इसलिए समय रहते इस तंबाकू माफिया और उसके संरक्षणदाता उच्च शिक्षित सफेदपोश छुटभैया नेता के कॉल डिटेल के अलावा आर्थिक लेन-देन की बारीकी से जांच कर उसे भी सहआरोपी बनाने की आवश्यकता है। तभी सही मायने में चंद्रपुर में कानून का राज कायम हो पाएगा।










