Sensational murder in Warora: A small dispute became the cause of death, the accused is in police custody
वरोरा : शहर के हृदयस्थल केसरी नंदन गणपति के पास रविवार की रात एक मामूली विवाद ने खौफनाक मंजर पैदा कर दिया। एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिसने पूरे वरोरा को हिलाकर रख दिया। इस वारदात ने शहर में तनाव की लहर दौड़ा दी, लेकिन वरोरा पुलिस की मुस्तैदी ने चंद घंटों में ही हत्यारे को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हनुमान वार्ड के रहने वाले अमोल नवघरे (उम्र करीब 35 साल) और नितीन चुटे के बीच केसरी नंदन गणपति के पास किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक हुई। यह छोटा सा विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। मामला शांत होने के बाद नितीन चुटे साई मंगल कार्यालय के पास पहुंचा, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। गुस्से से भरा अमोल नवघरे ने नितीन का पीछा किया और वहां पहुंचते ही धारदार हथियार से उस पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। खून से लथपथ नितीन को तुरंत उपजिल्हा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रात 8:15 बजे के आसपास चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की खबर फैलते ही वरोरा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर अजिंक्य तांबडे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मोर्चा संभाला। घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस ने सबूत जुटाए और आरोपी की तलाश में जाल बिछाया। उनकी तेज-तर्रार कार्रवाई का नतीजा यह रहा कि कुछ ही घंटों में अमोल नवघरे को वणी रोड से धर दबोचा गया। इस ऑपरेशन में सहायक पुलिस इंस्पेक्टर भस्मे, पुलिस कर्मी सोनोने, नवघरे और प्रशांत नागोसे की टीम ने अहम भूमिका निभाई।
शहर में खौफ का माहौल
इस हत्याकांड ने वरोरा की शांत गलियों में सनसनी मचा दी है। लोग दहशत में हैं और इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि आखिर एक छोटा सा विवाद इतनी बड़ी त्रासदी में कैसे बदल गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है और मामले की गहन जांच जारी है।
सवाल जो बाकी हैं
आखिर क्या थी वह वजह, जिसने अमोल को इतना उग्र कर दिया? क्या यह पुरानी रंजिश का नतीजा था या फिर क्षणिक गुस्से का परिणाम? इन सवालों के जवाब अब पुलिस की तहकीकात से ही सामने आएंगे। फिलहाल, वरोरा की जनता इस दुखद घटना से स्तब्ध है और पुलिस की सजगता की सराहना कर रही है।










