चंद्रपुर : महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का संयुक्त योजना में कार्यरत आरोग्य मित्रों की प्रशासन द्वारा उपेक्षा करने के विरोध में महाराष्ट्र स्वास्थ्य कर्मचारी आंदोलन (सी.आय.टी.यू संस्थान) के कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने राज्यव्यापी हड़ताल और धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।
हड़ताल के कारण और मांगे :
- 1) स्वास्थ्य मित्रों को प्रतिमाह 100 रुपये मिलते हैं। न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार 26,000 रुपये वेतन दिया जाए तथा विशेष भत्ता व महंगाई भत्ता दिया जाए।
- 2) मजदूरी में हर साल 10 प्रतिशत की वृद्धि होनी चाहिए।
- 3) सभी स्वास्थ्य कर्मियों को बीमारी अवकाश (एस.एल.) 10, आकस्मिक अवकाश (सी.एल.) 10, विशेष अवकाश (पी.एल.) 30 तथा त्यौहारी अवकाश 10 दिया जाना चाहिए।
- 4) ऑपरॉन के स्थान पर औपचारिक पोशाक उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
- 5) ई.एस.आई.सी. में त्रुटियों को यथाशीघ्र सुधारा जाए तथा सभी स्वास्थ्य मित्रों को ई.एस.आई.सी. की सुविधा कार्ड उपलब्ध कराई जाए।
- 6) कोविड जैसी वैश्विक महामारी के दौरान किए गए कार्य के लिए मुआवजा/जोखिम भत्ता प्रदान किया जाना चाहिए।
- 7) आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना 2018 से बिना वेतन के चल रही है। 2018 से ज्वाइनिंग लेटर और पारिश्रमिक प्रदान किया जाना चाहिए। और ज्वाइनिंग लेटर में महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का संयुक्त उल्लेख होना चाहिए।
- 8) आरोग्य मित्रों को सरकारी स्तर (SHAS) पर समायोजित किया जाना चाहिए।
- 9) स्वास्थ्य कर्मियों को अन्य जिलों व तालुकाओं में स्थानांतरित करने की नीति समाप्त की जानी चाहिए।
- 10) स्वास्थ्य मित्र रमेश पंडित वैसाने को पुनः बहाल किया जाए। साथ ही गणेश अशोक शिंदे को पहले की तरह नासिक में ही नौकरी पर रखा जाए।
- 11) टी. पी.ए. बदली के बाद नये टीपीए के तहत आरोग्यमित्र काम कर रहे हैं परंतु पांच वर्षों तक काम करने के बाद भी स्वास्थ्य कर्मियों को उनकी सजग सेवा के लिए भुगतान नहीं दिया गया तुरंत उक्त भुगतान दिया जाना चाहिए।










