चंद्रपुर :
चंद्रपुर शहर के मुख्य चौक-चौराहे, बाजार क्षेत्र, फ्लाईओवर और रिहायशी इलाकों में स्थित चायनीज स्टॉल्स, पान की टपरियां, ऑमलेट की दुकानें, अब न सिर्फ खाने-पीने का स्थान हैं, बल्कि शराबखोरी और धूम्रपान के खुले अड्डे बन गए हैं। इन इलाकों में शाम ढलते ही और रात के समय खुलेआम शराब पीने और सिगरेट के धुएं का माहौल देखा जा सकता है। इसका परिणाम है – बढ़ते झगड़े, मारपीट और महिलाओं के साथ छेड़खानी की घटनाओं में वृद्धि। इसके बावजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित प्रशासन की ओर से इसकी गंभीर दखल नहीं ली जा रही है। मानों हर कोई आंख मुंदकर इन अवैध अड्डों को मुक सहमति दे रहा है।
शराबखोरी के अड्डे
चंद्रपुर-नागपुर रोड, वरोरा नाका फ्लाईओवर, आंबेडकर कॉलेज चौक, बिनबा गेट रोड और प्रियदर्शनी चौक जैसे व्यस्त इलाकों में यह समस्या अधिक गंभीर है। यहां छात्राओं, कामकाजी महिलाओं और आम लोगों का आना-जाना रहता है। इसके बावजूद, इन जगहों पर शराब पीने वालों के झुंड खुलेआम दारू का सेवन करते नजर आते हैं। पानी की बोतलें और खुले गिलास बेचने वाले स्टॉल्स इन शराबियों की सुविधा का मुख्य साधन बने हुए हैं।
शहर का युवा वर्ग शराब की गिरफ्त में
ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में युवाओं का शराब की ओर झुकाव बढ़ रहा है। रिहायशी इलाकों और खाली जगहों पर युवाओं का शराब पीना अब आम बात हो गई है। खुलेआम शराब पीने की यह प्रवृत्ति न केवल उनकी सेहत और भविष्य को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि समाज में अपराध और असुरक्षा का माहौल भी पैदा कर रही है।
चुनावी तनाव और बढ़ते विवाद
हाल ही में खत्म हुए चुनावी अभियान में सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अब अपना “तनाव” निकालने के लिए ढाबों और खुले स्थानों पर शराब पीते देखा जा रहा है। इन जगहों पर छोटे-छोटे झगड़ों से लेकर गंभीर मारपीट के मामले भी सामने आ रहे हैं।
ओपन बार (अवैध) पर कार्रवाई क्यों नहीं ?
नागपुर रोड पर स्थित एक वाइन शॉप के सामने खुलेआम शराब पीने वाले लोग प्रशासन की अनदेखी का लाभ उठा रहे हैं। आंबेडकर कॉलेज रोड, तुकूम रोड और नागपुर रोड जैसे इलाकों में भी यही स्थिति है। ये जगहें अब असामाजिक तत्वों के जमावड़े का केंद्र बन चुकी हैं।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
शराबियों की इन हरकतों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासन की इस उदासीनता के चलते न केवल स्थानीय लोग परेशान हैं, बल्कि अपराध और असुरक्षा की भावना भी बढ़ रही है।
समाधान की दिशा में उठाए जाने वाले कदम
प्रशासनिक सख्ती : सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ संबंधित विभाग की ओर से तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
स्थानीय जागरूकता : समाज के लोगों को जागरूक करना और युवाओं को इस लत से दूर रखने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
स्थायी निगरानी : संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और शराब विक्रेताओं पर नियंत्रण रखा जाए।
अंतिम बात
चंद्रपुर के निवासियों को प्रशासन से उम्मीद है कि वे इन समस्याओं को गंभीरता से लेकर जल्द समाधान करेंगे। वरना यह स्थिति न केवल सामाजिक संतुलन को बिगाड़ेगी, बल्कि शहर की छवि को भी नुकसान पहुंचाएगी।










