■ महापौर और आयुक्त कब लेंगे गंभीर दखल ?
■ न जायजा लेने आ रहे, न दौरा, न समीक्षा : आखिर कर क्या रही मनपा ?
चंद्रपुर.
चंद रोज पहले ही नवनियुक्त महापौर संगीता खांडेकर को आगाह करते हुए यह समाचार प्रसारित किया गया था कि मनपा की अमृत जलापूर्ति योजना एक मुख्य चुनौती के रूप में उभर आएगी। चंद्रपुर शहर के अनेक नल केवल हवा उगलने की बात उजागर करने के बाद अपेक्षा थी कि महापौर खांडेकर तत्काल इसकी गंभीर दखल लेगी और जलसंकट पर मात करने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और बहुजन समाज पार्टी की नगरसेविका सोनिया उंदीरवाडे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मनपा आयुक्त अकुनुरी नरेश से भेंट कर अमृत योजना की पोल खोल दी। बसपा ने दावा किया कि प्रभाग 13 के बाबानगर, बाबूपेठ एवं प्रभाग 7 के जलनगर में रहने वाली आम जनता गंभीर जलसंकट का सामना कर रही है।
■ मनपा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
समस्या हल न होने पर बसपा ने आंदोलन करने की चेतावनी भी दी। लेकिन हैरत की बात है कि इस चेतावनी के बावजूद मनपा प्रशासन, आयुक्त एवं महापौर की ओर से जलसंकट से पीड़ित इन बस्तियों का न तो दौरा किया गया, न कोई जायजा लिया गया और तो और कोई ठोस उपाय किया गया हो, ऐसी कोई अधिकारिक घोषणा तक नहीं की गई। इसके चलते मनपा प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर फिर एक बार सवाल उठने लगे हैं।
■ अधिकारियों को ठंडा पानी, जनता प्यासी !
मनपा की करोड़ों की इमारत में बैठकर चंद्रपुर शहर के विकास के सपने संजोने वाला प्रशासन यहां मौजूद वॉटर कूलर के ठंडे पानी का आस्वाद ले रहा है। परंतु प्रभाग 13 के बाबानगर, बाबूपेठ एवं प्रभाग 7 के जलनगर के निवासी कड़ी धूप में बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। बीते 9 वर्षों से लंबित अमृत योजना बिरबल की खिचड़ी की तरह हो गई है जो कभी पकने का नाम ही नहीं ले रही है।
■ आयुक्त की सुक्ष्म जांच से विकास की गति पड़ रही धीमी
जिस अमृत योजना को महज एक वर्ष में कार्य पूरा किया जाना था, उसे बीते 9 सालों में भी पूरा नहीं किया जा सका। अब जब नये आयुक्त चंद्रपुर में विराजमान हुए तो लगा कि कार्य में गति आएगी। परंतु चर्चा है कि आयुक्त साहब तो 4, 5 हजारों के बिलों वाली फाइलें पास करने में भी लंबा समय लगा रहे हैं। हालांकि सुक्ष्म जांच उनकी कार्यशैली का हिस्सा हो सकता है। परंतु चंद्रपुर शहर की जनता यदि जलसंकट से तड़पती रही और मनपा प्रशासन आलिशान व करोड़ों की इमारत में बैठकर ठंडे पानी का मजा लेता रहे, तो यह जनता के साथ नाइंसाफी है।
■ चंद्रपुर के जल संकट पर बसपा आक्रामक
बहुजन समाज पार्टी की ओर से बाबानगर, बाबूपेठ तथा जलनगर वार्ड में उत्पन्न गंभीर जल संकट के मुद्दे पर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया। नगरसेविका सोनिया उंदिरवाडे के नेतृत्व में पूजा रत्नपारखी, प्रशांत उंदिरवाडे, किशोर चिकाटे, विमित कोसे, विवेक दुपारे, प्रणित तोडे, प्रमोद अलोने, विशाल भैस, हर्षल मोहुरले एवं संदीप मेश्राम सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने तत्काल जल संकट को हल करने की मांग की। अन्यथा तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी दी।
■ कब मिलेगी जनता को राहत ?
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि संबंधित क्षेत्रों में वर्तमान में पेयजल की आपूर्ति अत्यंत अपर्याप्त है। जलापूर्ति का वाल्व पूर्ण क्षमता (फुल वाल्व) से नहीं खोला जा रहा है, जिसके कारण नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे स्थानीय निवासियों को दैनिक जीवन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आगामी ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए पानी की समस्या और अधिक गंभीर होने की आशंका व्यक्त की गई है। पार्टी की ओर से मांग की गई है कि प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी के टैंकर उपलब्ध कराए जाएं तथा जलापूर्ति पूर्ण दबाव के साथ सुचारु रूप से सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रशासन से आग्रह किया गया है कि इस विषय में त्वरित और आवश्यक कदम उठाकर नागरिकों को राहत प्रदान की जाए।










