चंद्रपुर.
चंद्रपुर की बुलंद आवाज में प्रकाशित-प्रसारित समाचारों के संदर्भ में चंद्रपुर महाऔष्णिक विद्युत केंद्र की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में उपमुख्य अभियंता डॉ. भूषण शिंदे ने यह स्पष्टीकरण दिया है कि ठेकों से संबंधित विविध समाचारों में दर्ज जानकारी में तथ्यों का अभाव है। चंद्रपुर महाऔष्णिक विद्युत केंद्र की ओर से आधिकारिक तौर पर खुलासा किया गया है कि वर्तमान में CSTPS की स्थापित क्षमता 2920 मेगावाट है। यहां रखरखाव एवं मरम्मत से जुड़े सभी कार्य ई-निविदा प्रणाली के माध्यम से किए जाते हैं। यह पूरी प्रक्रिया महानिर्मिती कंपनी की खरीद नीति तथा महाराष्ट्र शासन के खरीद नियमों के अनुसार, पूरी तरह प्रतिस्पर्धात्मक और पारदर्शक ढंग से संचालित की जाती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल पंजीकृत और पात्र आपूर्तिकर्ता अथवा ठेकेदार ही निविदा प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। तकनीकी निविदा खुलने के बाद, जिन ठेकेदारों द्वारा सभी निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी की जाती हैं, उन्हीं की वित्तीय निविदा खोली जाती है। इसके बाद न्यूनतम दर पर कार्य करने वाले ठेकेदार को ही कार्यादेश दिया जाता है। किसी भी प्रकार के दबाव में आकर किसी विशेष ठेकेदार को ठेका देने का आरोप उन्होंने पूरी तरह निराधार बताया है।
महाऔष्णिक विद्युत केंद्र का यह भी कहना है कि नई ई-निविदाएं बनाते समय अन्य राज्य या केंद्रीय ताप विद्युत केंद्रों में जारी पुराने कार्यादेशों का अध्ययन किया जाता है और आवश्यक तकनीकी पहलुओं को शामिल किया जाता है। इसलिए यह कहना कि ई-निविदाएं किसी खास ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई जाती हैं, वास्तविकता से परे है।
प्रशासन ने यह भी खंडन किया है कि ई-निविदा क्रमांक 3000062802 और 3000062847 में किसी ठेकेदार को करोड़ों का लाभ पहुंचाने के लिए पात्रता शर्तों में बदलाव किया गया। उनके अनुसार, सभी निविदाएं मुख्य कार्यालय द्वारा तय की गई पात्रता, शर्तों और नियमों के अनुसार ही जारी की जाती हैं और किसी भी ठेकेदार की सुविधा के लिए कभी शर्तों में बदलाव नहीं किया जाता।










