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फड़णवीस सरकार का चंद्रपुर पर घोर अन्याय ! 7 बार जीतने वाले सुधीर मुनगंटीवार को नहीं बना रहे मंत्री

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Fadnavis government’s grave injustice towards Chandrapur!

Sudhir Mungantiwar, who has won 7 times, is not being made a minister

चंद्रपुर:

हाल ही में संपन्न हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद महायुति रेकॉर्ड तोड़ बहुमत से सत्ता में लौट आयी। परंतु हैरत की बात है कि आज शाम गठित होने जा रहे मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस सरकार के मंत्रिमंडल में चंद्रपुर जिले पर घोर अन्याय किया जा रहा है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के वरिष्ठ नेता और 7 बार विधायक के रूप में जीतकर आये तथा प्रदेश के वित्त मंत्री रहे चंद्रपुर जिले के ही नहीं, समूचे महाराष्ट्र में कद्दावर नेता के रूप में प्रसिद्ध सुधीर मुनगंटीवार को इस बार के मंत्रिमंडल में स्थान नहीं दिया जा रहा है। यह जानकारी न केवल चौंकाने वाली है, बल्कि भाजपा के असंख्य कार्यकर्ताओं समेत जिले की जनता को निराश करने वाली भी है। चंद्रपुर जिले पर और खासकर विधायक मुनगंटीवार पर हो रहे इस घोर अन्याय के खिलाफ जबरदस्त रोष पनप रहा है। और तो और चिमूर विधायक बंटी भांगडिया को जहां एक ओर देवेंद्र फड़णवीस का बेहद करीबी माना जाता रहा है, उन्हें भी मंत्रिमंडल में कोई स्थान नहीं दिया गया है। इस सूची में विधायक किशोर जोरगेवार का नाम तो दूर दूर तक कहीं भी नजर नहीं आ रहा है।

ज्ञात हो कि भाजपा की ओर से चंद्रपुर जिले में सुधीर मुनगंटीवार ने विधायकी के बीते 6 टर्म में उल्लेखनीय विकास कार्य किए हैं। मतदाताओं ने विकास को प्राथमिकता देते हुए सुधीर मुनगंटीवार को सातवीं बार विजयी बनाकर उनके नेतृत्व में फिर से विश्वास प्रकट किया है।

सुधीर मुनगंटीवार द्वारा बल्लारपुर विधानसभा क्षेत्र में किया गया विकास मतदाताओं के दिल और दिमाग में गहराई से बसा हुआ है। यही कारण है कि राज्य में चाहे महाविकास आघाड़ी की सत्ता हो या महायुती की, इस विधानसभा क्षेत्र से केवल मुनगंटीवार ही जीतने चाहिए, ऐसा मतदाताओं का मानना था। इस भावना को मतदाताओं ने अपने मतों के जरिए साकार किया है।

वर्ष 2019 के चुनाव में मुनगंटीवार को 86,002 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के डॉ. विश्वास झाड़े को 52,562 वोट प्राप्त हुए थे। इस तरह मुनगंटीवार ने 33,440 वोटों की बढ़त से जीत दर्ज की थी। इस बार के चुनाव में उन्होंने 25,985 वोटों की बढ़त हासिल कर यह साबित किया है कि उनका स्थान मतदाताओं के दिलों में पहले की तरह ही कायम है।

महाराष्ट्र में बीजेपी महायुति सरकार का कैबिनेट विस्तार 15 दिसंबर को शाम 4 बजे नागपुर में होगा। यह शपथ ग्रहण समारोह 16 दिसंबर से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र से ठीक पहले आयोजित किया जा रहा है। इस मौके पर नए विधायकों को भी शपथ दिलाई जाएगी।

शिंदे-फडणवीस की बैठक में बनी सहमति

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कैबिनेट विस्तार के लिए फॉर्मूला तय कर लिया है। बैठक में बीजेपी, शिंदे गुट और अजित पवार की एनसीपी के बीच मंत्री पदों का बंटवारा तय हुआ।

मंत्री पदों का बंटवारा :

– बीजेपी को 22 पद

– शिंदे गुट को 12 पद

– एनसीपी को 9 पद

गृह और वित्त जैसे अहम विभाग बीजेपी के पास रहेंगे।

वरिष्ठ नेताओं को संगठन में जिम्मेदारी  

कुछ वरिष्ठ नेताओं को मंत्री बनने की बजाय पार्टी संगठन में काम सौंपा जा सकता है। इन नामों में गिरीश महाजन, रवींद्र चव्हाण, संजय राठौड़, तानाजी सावंत, और दीपक केसरकर शामिल हैं।

संभावित मंत्री :  

कैबिनेट में चंद्रशेखर बावनकुले, चंद्रकांत पाटिल, मंगल प्रभात लोढ़ा, और पंकजा मुंडे जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ जयकुमार रावल, नितेश राणे और संभाजी निलंगेकर जैसे युवा नेताओं को भी जगह मिलने की संभावना है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि चंद्रपुर जिले के दिग्गज नेता सुधीर मुनगंटीवार का नाम मंत्रिमंडल की सूची से गायब कर दिया गया है। इसके पीछे के कारण और राजनीति का अब तक खुलासा नहीं हो पाया है।

गृह मंत्रालय पर चर्चा  

मुख्यमंत्री शिंदे ने गृह मंत्रालय अपने पास रखने की कोशिश की है, लेकिन गृह और वित्त जैसे अहम विभाग बीजेपी के पास ही रहने की उम्मीद है।

15 दिसंबर के देर शाम तक शपथ ग्रहण से साफ हो जाएगा कि कौन से नेता मंत्री बनेंगे और किसे पार्टी संगठन में नई जिम्मेदारी दी जाएगी।

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